Iran-US Ceasefire: अमेरिका-ईरान युद्ध विराम पर भारत का पहला बयान; कहा- इस जंग ने लोगों को बहुत तकलीफ दी

अमेरिका-ईरान युद्ध विराम पर भारत का पहला बयान; कहा- इस जंग ने लोगों को बहुत तकलीफ दी, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट डाली

India First Statement Over Iran-US Ceasefire Breaking News

India First Statement Over Iran-US Ceasefire Breaking News

Iran-US Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने से भी ज्यादा समय से जारी युद्ध को अब रोकने का फैसला हुआ है। दोनों देशों के बीच 2 हफ्ते के युद्ध विराम पर शुरुवाती सहमति बनी है। इस बीच ईरान की तरफ से रखे गए 10 पॉइंट्स के प्रस्ताव पर चर्चा और स्थायी शांति का मार्ग निकालने व दीर्घकालिक समझौते पर सहमति बनाने का काम किया जाएगा। फिलहाल इस अस्थायी युद्ध विराम का दुनिया के सभी देश स्वागत कर रहे हैं। जहां इस कड़ी में भारत ने भी आधिकारिक तौर से पहला बयान जारी किया है।

भारत सरकार ने अमेरिका-ईरान युद्ध विराम का स्वागत किया है और कहा है कि ऐसा होने से लोगों की तकलीफ कम होगी। विदेश मंत्रालय की तरफ से बयान जारी करते हुए कहा गया, ''हम युद्धविराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि यह पश्चिम एशिया में स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा। जैसा कि हम पहले भी लगातार कहते रहे हैं, चल रहे इस संघर्ष को जल्द समाप्त करने के लिए तनाव को कम करना, संवाद और कूटनीति बेहद ज़रूरी है।''

बयान में आगे कहा गया, ''इस संघर्ष ने पहले ही लोगों को भारी तकलीफ़ दी है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार नेटवर्क को बाधित किया है। हमें उम्मीद है कि होर्मुज़ स्ट्रेट से बिना किसी रुकावट के फ़्रीडम ऑफ़ नेविगेशन और ग्लोबल ट्रेड का फ्लो बना रहेगा।''

India First Statement Over Iran-US Ceasefire Breaking News

इधर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने भी मिडिल ईस्ट सीज़फ़ायर पर बयान जारी किया और कहा, ''ऑस्ट्रेलिया, मिडिल ईस्ट में लड़ाई का हल निकालने के लिए अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर पर हुए समझौते का स्वागत करता है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार कुछ समय से तनाव कम करने और लड़ाई खत्म करने की मांग कर रही है। ईरान के  होर्मुज जलडमरूमध्य को असल में बंद करने, और कमर्शियल जहाजों, सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर, और तेल और गैस सुविधाओं पर हमलों की वजह से एनर्जी सप्लाई में बहुत ज़्यादा झटके लग रहे हैं और तेल और फ्यूल की कीमतों पर असर पड़ रहा है।''

युद्ध विराम काफी नहीं, होर्मुज का रास्ता खुले

इस युद्ध विराम के बीच सबके लिए सबसे अहम 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' ही है। जिसके चलते पूरी दुनिया ऊर्जा संकट में पड़ गई। सीजफायर को लेकर ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने भी बयान सामने आया है। ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) के महत्व पर जोर देते हुए बड़ा बयान दिया है। कीर स्टार्मर ने कहा कि सिर्फ युद्धविराम काफी नहीं, होर्मुज का रास्ता खुलना जरूरी है।